
ऋषिकेश: वन विभाग की कार्रवाई के दौरान पुलिस पर पथराव और लाठीचार्ज की घटना को पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। सोमवार को नगर निगम कार्यालय में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक कर उन्होंने घटनाक्रम पर नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि किसी भी कार्रवाई में जनता से संवाद, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण सर्वोपरि होना चाहिए। यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि नगर निगम के कई वार्डों में वन विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है, जिससे जनभावनाएं प्रभावित हुई हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र में वन भूमि से जुड़े मामलों को लेकर हाल के दिनों में तनाव की स्थिति बनी। कार्रवाई के दौरान विरोध, पथराव और पुलिस हस्तक्षेप जैसी घटनाएं सामने आईं, जिसने प्रशासन और नागरिकों के बीच भरोसे को चुनौती दी। इसी पृष्ठभूमि में जनप्रतिनिधियों ने समन्वय और संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में क्या हुआ
नगर निगम कार्यालय में हुई बैठक में पूर्व कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों और पार्षदों के साथ पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि पहले ही दिन उन्होंने वन प्रभाग के डीएफओ से फोन पर बात कर स्थिति जानी थी और सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया था।
आधिकारिक पहल और संवाद
प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि दूसरे दिन उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पूरे प्रकरण से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपा और आवश्यक दिशा-निर्देश देने का निवेदन किया। तीसरे दिन डीएफओ को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जनता के साथ टकराव से बचते हुए संवाद और समन्वय स्थापित किया जाए तथा हर कार्रवाई में मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी जाए।
जनहित और भरोसे पर जोर
उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में जनता के साथ संवाद बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। प्रशासन और नागरिकों के बीच विश्वास का वातावरण ही शांति और व्यवस्था की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनहित उनके लिए सर्वोपरि है और प्रभावित लोगों को न्याय व राहत दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
कानूनी रणनीति
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि चूंकि संबंधित क्षेत्र नगर निगम के अधीन आता है, इसलिए नगर निगम की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में प्रभावी पैरवी की जाएगी। इसके लिए सक्षम अधिवक्ता नियुक्त कर कानूनी दायरे में रहते हुए जनता के हितों की रक्षा का पक्ष मजबूती से रखा जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन संवेदनशीलता और संवाद के साथ आगे बढ़े, तो टकराव की स्थिति से बचा जा सकता है।
आगे क्या होगा
नगर निगम प्रशासन द्वारा कानूनी पैरवी की तैयारी के साथ-साथ वन विभाग और स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच समन्वय बढ़ाने की पहल की जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि संवाद आधारित समाधान से हालात सामान्य होंगे।






