
रुद्रपुर: उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस का आक्रोश सोमवार, 29 दिसंबर 2025 को रुद्रपुर की सड़कों पर दिखाई दिया। उधमसिंह नगर के रुद्रपुर में भगत सिंह चौक से शुरू हुई कांग्रेस की प्रतीकात्मक शव यात्रा मुख्य बाजार से होते हुए महाराजा रणजीत सिंह पार्क तक पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग दोहराई और कहा कि घटना के बाद हुई कार्रवाइयों ने न केवल संवेदनहीनता उजागर की, बल्कि जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अंकिता भंडारी हत्याकांड लंबे समय से प्रदेश की राजनीति के केंद्र में है। विपक्ष का आरोप है कि मामले की जांच को सीमित दायरे में रखा गया और शुरुआत से ही सच्चाई दबाने की कोशिश हुई। इसी पृष्ठभूमि में कांग्रेस ने आंदोलन तेज करते हुए सड़कों पर उतरने का फैसला किया।
क्या हुआ रुद्रपुर में
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली। नेताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी सिर्फ एक परिवार की बेटी नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की बेटियों की अस्मिता का सवाल है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस व्यवस्था तैनात रही और स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।
कांग्रेस के आरोप
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता संजय जुनेजा ने कहा कि घटना के तुरंत बाद सबूतों पर बुलडोजर चलाया गया और जांच को सीमित कर दिया गया, जिससे यह संदेह गहराता है कि किसी को बचाने की कोशिश हो रही है। कांग्रेस नेताओं ने हाल में सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और बयानों का हवाला देते हुए कहा कि मामले के तार सत्ता के प्रभावशाली लोगों तक जुड़े हो सकते हैं।
आधिकारिक जानकारी
अधिकारी टिप्पणी करने से बचते दिखे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि सरकार और जांच एजेंसियों के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो सीबीआई जांच से परहेज क्यों किया जा रहा है।
व्यापारियों और युवाओं ने भी मांग की कि निष्पक्ष जांच से ही पीड़ित परिवार को न्याय मिल सकता है।
आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एसआईटी जांच केवल मोहरे बलि चढ़ाने तक सीमित है और जब तक निष्पक्ष सीबीआई जांच नहीं होती तथा सभी दोषियों के नाम सामने नहीं आते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उपस्थित नेता और कार्यकर्ता
प्रदर्शन में पवन वर्मा, दिनेश पंत, सौरभ शर्मा, सौरभ बेहड़, सुनील जडवानी, मोहन खेड़ा, मोहन कुमार, प्रांजल गाबा, आशीष बाला, विक्रमजीत सिंह, रामकृष्ण कनौजिया, विकास मल्लिक, रंजीत तिवारी, तपन विश्वास, देवानंद स्वर्णकार, रमेन विश्वास, महबूब अंसारी, नदीम खान, इंद्रजीत सिंह, प्रशांत शाही सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।







