
देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच अब सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के भीतर से भी सीबीआई जांच की मांग उठने लगी है। देहरादून में भाजपा नेता और बद्री-केदार मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए इस मामले की सीबीआई जांच कराने की बात कही है। उन्होंने यह भी लिखा कि जिन नेताओं पर आरोप लगे हैं, उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर लंबे समय से विपक्ष राज्य सरकार पर सवाल उठा रहा है। कांग्रेस लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रही है। अब भाजपा के एक वरिष्ठ नेता की ओर से भी यही मांग सामने आने के बाद यह मुद्दा और संवेदनशील हो गया है।
क्या लिखा फेसबुक पोस्ट में
अजेंद्र अजय ने अपने फेसबुक पोस्ट में स्पष्ट रूप से लिखा कि अंकिता भंडारी मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन नेताओं के नाम इस मामले में सामने आए हैं, उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को भी नसीहत देते हुए लिखा कि हर मुद्दे पर खुद बोलना जरूरी नहीं होता, इसके लिए पार्टी में प्रवक्ताओं की व्यवस्था होती है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
अजेंद्र अजय की इस पोस्ट के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
कांग्रेस नेताओं ने इस बयान का स्वागत करते हुए कहा कि अब भाजपा के भीतर से भी सच्चाई सामने आने लगी है। कांग्रेस का कहना है कि यह बयान साबित करता है कि अंकिता भंडारी मामले में गंभीर सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं।
भाजपा का पक्ष
भाजपा की ओर से इस बयान पर सफाई दी गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह अजेंद्र अजय का व्यक्तिगत विचार है और पार्टी इस मामले में पहले ही अपना स्पष्ट रुख रख चुकी है। अधिकारी टिप्पणी करने से बचते दिखे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने समय बाद भी यदि सवाल उठ रहे हैं, तो निष्पक्ष जांच जरूरी है।
आम जनता की मांग है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर सच्चाई सामने लाई जाए।
आगे क्या होगा
अजेंद्र अजय के बयान के बाद यह देखना अहम होगा कि भाजपा नेतृत्व इस पर क्या रुख अपनाता है। वहीं विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि सीबीआई जांच की मांग को लेकर आंदोलन और तेज किया जा सकता है।







