
रायवाला: छिद्दरवाला के आशा प्लाट क्षेत्र में गुलदार की लगातार चहलकदमी से स्थानीय लोग दहशत में हैं। वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा तो लगाया है, लेकिन गुलदार उसकी ओर झांकने को भी तैयार नहीं है। बीती रात सड़क पर घूमते गुलदार का एक कुत्ते के पीछे दौड़ने का वीडियो पास में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गया, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। आबादी क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां जन सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
रायवाला और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से मानव–गुलदार संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। जंगल से सटे क्षेत्रों में आबादी बढ़ने और रात के समय आवाजाही जारी रहने के कारण गुलदार का गांवों की ओर आना आम होता जा रहा है।
CCTV में कैद हुआ पीछा करते गुलदार का दृश्य
बीती रात आशा प्लाट क्षेत्र में सड़क पर घूमता गुलदार एक कुत्ते के पीछे दौड़ता दिखाई दिया। CCTV फुटेज में साफ नजर आता है कि सड़क पर टहल रहा कुत्ता सामने से गुलदार को देखकर ठिठकता है और फिर तेजी से अपने घर की ओर भागता है। गुलदार भी शिकार की तलाश में उसका पीछा करता है, लेकिन कुत्ता बच निकलता है। इसके बाद गुलदार काफी देर तक उसी इलाके में इधर-उधर मंडराता रहा।
पिंजरा लगाया, लेकिन राहत नहीं
वन विभाग की ओर से गुलदार पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि गुलदार उस ओर आता ही नहीं है। लोगों का मानना है कि सिर्फ पिंजरा लगाने से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्राम प्रधान गोकुल रमोला का कहना है कि शाम ढलते ही गुलदार आबादी क्षेत्र के आसपास मंडराने लगते हैं। अब तक कई कुत्तों को गुलदार अपना शिकार बना चुका है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बड़ी अनहोनी की आशंका बनी हुई है और लोग भय के माहौल में जी रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने जन सुरक्षा के लिए ठोस उपाय किए जाने की मांग की है।
लगातार दिख रहा है गुलदार
छिद्दरवाला, चकजोगीवाला और आसपास के इलाकों में गुलदार की मौजूदगी कई दिनों से देखी जा रही है। राहगीरों का कई बार गुलदार से आमना-सामना भी हो चुका है। लगभग रोज ही घरों में लगे CCTV कैमरों में गुलदार की गतिविधियां रिकॉर्ड हो रही हैं।
जंगल से सटा है क्षेत्र
यह इलाका देहरादून वन प्रभाग की बड़कोट रेंज, ऋषिकेश रेंज और राजाजी टाइगर रिजर्व से सटा हुआ है। यहां घनी आबादी भी है और लोग रोजमर्रा के काम से देर रात तक आवागमन करते रहते हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।
आगे क्या होगा
स्थानीय लोगों की मांग है कि वन विभाग निगरानी बढ़ाए, गश्त तेज करे और गुलदार को आबादी से दूर सुरक्षित क्षेत्र में शिफ्ट करने के लिए प्रभावी कदम उठाए। जब तक ठोस उपाय नहीं किए जाते, तब तक क्षेत्र में डर का माहौल बना रहने की आशंका है।







