
देहरादून: कथित ऑडियो मामले को लेकर उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के बयान के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आरोपों को खारिज किया और सरकार पर अंकिता भंडारी मामले में चुप्पी साधने का आरोप लगाया। गोदियाल ने कहा कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी सरकार की निष्क्रियता चिंता का विषय है, जिससे सियासी तनाव और बढ़ गया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
कथित ऑडियो को लेकर सियासी बयानबाजी के बीच बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं। बीजेपी की ओर से अनुसूचित जाति समाज के अपमान का आरोप लगाए जाने पर कांग्रेस ने इसे मुद्दा भटकाने की कोशिश बताया है। इस बीच अंकिता भंडारी मामले पर सरकार की भूमिका को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
महेंद्र भट्ट पर बरसे गोदियाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के बयान की कड़ी निंदा की। गोदियाल ने कहा कि जाति का हवाला देकर आरोप लगाना अनुचित है और इससे असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति की कोई अयोग्यता सामने आती है तो वह व्यक्ति की जिम्मेदारी होती है, न कि पूरी जाति की।
अंकिता मामले पर सरकार की चुप्पी का आरोप
गोदियाल ने तल्ख लहजे में कहा कि अंकिता मामले पर पूरी सरकार मौन है। उन्होंने चेताया कि प्रदेश का युवा, महिलाएं और उत्तराखंड से जुड़ाव रखने वाले लोग सरकार को समय आने पर जवाब देंगे। कांग्रेस का कहना है कि संवेदनशील मामलों में सरकार को पारदर्शिता और संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि लगातार आरोप-प्रत्यारोप से जनता में भ्रम फैल रहा है। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि सरकार स्पष्ट रुख अपनाए और जांच व कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करे।
कांग्रेस का 140वां स्थापना दिवस
इसी बीच उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस ने पार्टी मुख्यालय में 140वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर गणेश गोदियाल ने ध्वजारोहण किया, सेवादल के कार्यकर्ताओं ने वंदे मातरम और राष्ट्रगान गाया। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं।
कांग्रेस की विचारधारा पर गोदियाल का संदेश
गोदियाल ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस देश की सबसे पुरानी लोकतांत्रिक पार्टी है और आजादी के आंदोलन में इसकी अग्रणी भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि दबे-कुचले और वंचित वर्गों के साथ खड़े रहना कांग्रेस की मूल भावना है। सभी कांग्रेसजनों ने संविधान को मजबूत करने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया।
आगे क्या होगा
कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि यदि सरकार ने संवेदनशील मामलों पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया तो राजनीतिक दबाव और बढ़ाया जाएगा। पार्टी नेतृत्व ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस अपने घोषित लक्ष्यों को आगे बढ़ाएगी।







