
रुड़की: हरिद्वार जिले के मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के लिब्बरहेड़ी गांव में देर रात एक कबाड़ के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। कुछ ही देर में आग की लपटें आसमान छूने लगीं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन गोदाम में रखा कबाड़ जलकर राख हो गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
लिब्बरहेड़ी गांव में स्थित कबाड़ गोदाम में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री रखी जाती है। ठंड और घने कोहरे के बीच लगी इस आग ने आसपास के आवासीय इलाकों के लिए भी खतरा पैदा कर दिया था, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।
आधिकारिक जानकारी
दमकल विभाग के अनुसार, गोदाम में आग की सूचना मिलते ही फायर यूनिट को रवाना किया गया। मौके पर पहुंचने पर आग विकराल रूप ले चुकी थी और ज्वलनशील कबाड़ के कारण तेजी से फैल रही थी। कड़ी मशक्कत के बाद आग को फैलने से रोका गया और आसपास के मकानों को सुरक्षित बचा लिया गया। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण गोदाम के पास से गुजर रही विद्युत लाइन में शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
घटना का विवरण
मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के लिब्बरहेड़ी गांव निवासी शमशाद पुत्र सगीर का गांव में ‘सोनू ट्रेडर्स’ नाम से कबाड़ का गोदाम है। देर रात गोदाम में अचानक आग भड़क उठी। आग की ऊंची लपटों और घने धुएं के कारण लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। सूचना मिलते ही दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के घरों तक खतरा महसूस होने लगा था। लोगों ने दमकल कर्मियों की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
नुकसान का आकलन
आग की इस घटना में गोदाम में रखा सारा कबाड़ जलकर खाक हो गया। हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
आगे क्या होगा
प्रशासन की ओर से आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। विद्युत विभाग से भी रिपोर्ट मांगी जा सकती है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचाव के उपाय किए जा सकें।






