
ऋषिकेश: बालश्रम की रोकथाम के लिए श्रम विभाग ने जिला टास्क फोर्स के साथ मंगलवार को ऋषिकेश के त्रिवेणीघाट रोड और आसपास के इलाकों में औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान एक जूते की दुकान में 17 वर्षीय नाबालिग को काम करते हुए पकड़ा गया, जबकि त्रिवेणीघाट के समीप दो किशोरियां कूड़ा बीनते हुए मिलीं। तीनों नाबालिगों को तत्काल संरक्षण में लेकर काउंसलिंग के लिए चाइल्ड वेलफेयर कमेटी देहरादून भेजा गया। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित दुकानदार पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऋषिकेश जैसे धार्मिक और पर्यटन क्षेत्र में बालश्रम की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। इसे देखते हुए श्रम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है, ताकि नाबालिगों से काम कराने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सके।
आधिकारिक जानकारी
सहायक श्रमायुक्त दीपक कुमार के नेतृत्व में श्रम विभाग की टीम जिला टास्क फोर्स के साथ मंगलवार दोपहर त्रिवेणीघाट रोड पर पहुंची। जांच के दौरान एक जूते की दुकान में काम कर रहे नाबालिग की उम्र दस्तावेजों में 17 वर्ष पाई गई। इसके बाद उसे संरक्षण में लेते हुए दुकानदार पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इस कार्रवाई में श्रम प्रवर्तन अधिकारी आनंद और एक एनजीओ के सदस्य भी शामिल रहे।
कार्रवाई का विवरण
छापेमारी के दौरान टीम को त्रिवेणीघाट के पास दो किशोरियां कूड़ा बीनते हुए भी मिलीं। टीम ने दोनों को भी बालश्रम की श्रेणी में मानते हुए संरक्षण में लिया। औचक कार्रवाई से क्षेत्र के व्यापारियों में कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि घाट और बाजार क्षेत्र में बच्चों से काम कराए जाने की घटनाएं चिंता का विषय हैं। लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए नियमित निरीक्षण की मांग की है, ताकि बालश्रम पर प्रभावी रोक लग सके।
आगे क्या होगा
श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि बालश्रम के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। काउंसलिंग के बाद बच्चों की स्थिति का आकलन कर उन्हें शिक्षा और पुनर्वास से जोड़ने की प्रक्रिया की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों और नियोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






