
पिथौरागढ़: सीमांत जिला पिथौरागढ़ के बेरीनाग क्षेत्र में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 55 वर्षीय मजदूर की जान चली गई। बजरी खनन के दौरान अचानक पहाड़ी दरकने से मजदूर मलबे में दब गया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला, लेकिन तब तक मजदूर की मौत हो चुकी थी। यह घटना न केवल खनन कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि पहाड़ी इलाकों में मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले परिवारों की असुरक्षा को भी उजागर करती है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
बेरीनाग क्षेत्र में पहाड़ी ढलानों पर मजदूरी और खनन कार्य आम हैं। बारिश और ढीली चट्टानों के कारण यहां भूस्खलन की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। ऐसे हादसे बार-बार यह सवाल उठाते हैं कि मजदूरों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए जाते।
आधिकारिक जानकारी
बेरीनाग कोतवाली प्रभारी नरेश कुमार गंगवार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू किया। वरिष्ठ उप निरीक्षक हरीश कोरंगा और एएसआई शांति प्रकाश ने शव को कब्जे में लेकर सीएचसी बेरीनाग पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि इस संबंध में अभी कोई विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी से बजरी निकालना बेहद जोखिम भरा काम है, लेकिन मजबूरी में मजदूर यह कार्य करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों पर ध्यान दिया जाता, तो शायद यह हादसा टल सकता था।
संख्या / तथ्य
हादसे में एक मजदूर की मौत हुई है। मृतक की उम्र 55 वर्ष बताई गई है। घटना स्थल तहसील मुख्यालय से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित है।
आगे क्या होगा
प्रशासन द्वारा हादसे की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्राम प्रधान संजय तिवारी ने सरकार से मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासनिक स्तर पर मुआवजे और सहायता को लेकर निर्णय जांच रिपोर्ट आने के बाद लिया जा सकता है।





