
रानीपोखरी: रानीपोखरी न्याय पंचायत क्षेत्र के दूरस्थ पहाड़ी गांव गडूल के केमठ (सौढ) में भालू के हमले से गंभीर रूप से घायल महिला की हालत अस्पताल में नाजुक बनी हुई है। खेत में चारापत्ती लेने गई महिला पर दो भालुओं ने अचानक हमला कर दिया था। गंभीर चोटों के बावजूद महिला ने साहस दिखाते हुए अपनी जान बचाई, लेकिन हमले में उनके सिर में गहरी चोटें आई हैं और उपचार के दौरान 82 टांके लगाए गए हैं। डॉक्टरों के अनुसार महिला की स्थिति फिलहाल चिंताजनक बनी हुई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पिछले कुछ समय से ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। जंगल से सटे गांवों में खेतों और चारागाहों में काम करने जाने वाले ग्रामीण अक्सर जंगली जानवरों के खतरे का सामना कर रहे हैं। गडूल क्षेत्र भी वन क्षेत्र के नजदीक होने के कारण संवेदनशील माना जाता है।
घटना का विवरण
गडूल के केमठ (सौढ) गांव निवासी सुशीला भंडारी (43), पत्नी रघुवीर भंडारी, गुरुवार शाम अपने खेत में चारापत्ती लेने गई थीं। इसी दौरान दो भालुओं ने उन पर हमला कर दिया। महिला ने संघर्ष कर किसी तरह खुद को बचाया, लेकिन हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं।
चिकित्सकीय स्थिति
अस्पताल सूत्रों के अनुसार महिला के सिर में 82 टांके लगाए गए हैं। माथे की हड्डी टूट गई है और लेटने पर नाक व मुंह से खून आ रहा है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी में उपचार कर रही है और स्थिति को गंभीर बताया जा रहा है।
आधिकारिक और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलने पर बृजभूषण गैरोला, नरेंद्र सिंह नेगी, मोहित उनियाल और मनोज नौटियाल अस्पताल पहुंचे और घायल महिला की कुशलक्षेम जानी। विधायक ने महिला को मुआवजा देने और उपचार में हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में भालुओं की आवाजाही बढ़ गई है। लोगों ने वन विभाग से गांवों के आसपास गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
आगे क्या होगा
प्रशासन और वन विभाग की ओर से घटना की जानकारी ली जा रही है। मुआवजा प्रक्रिया शुरू करने और क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की बात कही गई है। महिला की स्थिति में सुधार के लिए चिकित्सकों की टीम लगातार प्रयासरत है।






