
देहरादून: उत्तराखंड में मौसम के तेवर बदलने से आम जनजीवन के साथ-साथ पर्यटन और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। लंबे समय से शुष्क मौसम के कारण मैदानी जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है, जबकि पहाड़ी इलाकों में पाला और कड़ाके की ठंड लोगों की परेशानियां बढ़ा रही है। राजधानी देहरादून में वायु प्रदूषण की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गया है। मौसम विभाग ने इसे देखते हुए कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
प्रदेश में बारिश न होने और ठंड बढ़ने के कारण वातावरण में नमी और प्रदूषक तत्वों का जमाव बढ़ गया है। इसका सीधा असर हवा की गुणवत्ता, दृश्यता और तापमान पर पड़ रहा है। बीते वर्षों में भी सर्दियों के दौरान इसी तरह की स्थिति देखने को मिलती रही है, जब कोहरा और प्रदूषण ने जनजीवन को प्रभावित किया था।
आधिकारिक जानकारी
मौसम विभाग के अनुसार राजधानी देहरादून का एयर क्वालिटी इंडेक्स गुरुवार को 280 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। बुधवार को यह 322 तक पहुंच गया था। बीते एक सप्ताह में वायु प्रदूषण का स्तर लगभग दोगुना हो गया है। विभाग ने मैदानी जिलों के लिए कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है और कुछ क्षेत्रों में शीत दिवस की स्थिति बनने की संभावना जताई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के समय सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश की शिकायतें बढ़ गई हैं।
पर्यटकों ने बताया कि ठंड और धुंध के कारण दर्शनीय स्थलों पर आवाजाही सीमित हो रही है, हालांकि मसूरी जैसे क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही बनी हुई है।
संख्या / आंकड़े
देहरादून का एयर क्वालिटी इंडेक्स 280 से 322 के बीच दर्ज किया गया।
एक सप्ताह में प्रदूषण स्तर लगभग दोगुना हो गया है।
कई जिलों में घना कोहरा और शीत दिवस की चेतावनी जारी की गई है।
आगे क्या होगा
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी के मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। दृश्यता कम होने से सड़क, रेल और हवाई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। विभाग ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने, अनावश्यक यात्रा से बचने और ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने की अपील की है।




