
देहरादून: टौंस नदी के ऊपरी क्षेत्रों में अगस्त–सितंबर के दौरान हुई भारी वर्षा के बाद अचानक जलस्तर बढ़ने, तेज बहाव और लगातार हो रहे तट कटाव से दून की जलवायु विहार आवासीय कॉलोनी, झाझरा पर गंभीर खतरा मंडराने लगा था। हालात ऐसे बन गए थे कि किसी भी समय नदी का पानी कॉलोनी की ओर मुड़ सकता था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नागरिक प्रशासन के अनुरोध पर भारतीय सेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नदी के प्रवाह को नियंत्रित किया और डायवर्जन चैनल बनाकर आवासीय क्षेत्र को संभावित बाढ़ से सुरक्षित कर दिया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
मानसून के दौरान टौंस नदी के जलग्रहण क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा से नदी का प्रवाह अचानक तेज हो गया था। इसके चलते झाझरा क्षेत्र में तट कटाव बढ़ा और जलवायु विहार कॉलोनी के निकट दबाव खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। पूर्व में भी ऐसे हालात में जान-माल के नुकसान की आशंका रहती रही है, इसलिए समय पर हस्तक्षेप आवश्यक हो गया था।
आधिकारिक जानकारी
नागरिक प्रशासन के आग्रह पर भारतीय सेना की गोल्डन की डिवीजन की इंजीनियर रेजिमेंट को प्रभावित क्षेत्र में तैनात किया गया। चुनौतीपूर्ण मौसम, तेज बहाव और अस्थिर तटों के बीच सेना के इंजीनियरों ने बाढ़ नियंत्रण कार्य शुरू किया। विशेष उपकरणों और भारी मशीनों की मदद से नदी के प्रवाह को नियंत्रित करने की योजना बनाई गई और कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि सेना की त्वरित कार्रवाई से कॉलोनी पर मंडरा रहा बड़ा खतरा टल गया।
जलवायु विहार निवासी मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) पीएस राणा ने बताया कि डायवर्जन चैनल बनने के बाद नदी की गति नियंत्रित हुई है और कमजोर तटों पर हो रहा कटाव भी थम गया है, जिससे कॉलोनी के घरों और नागरिक संरचनाओं को सुरक्षा मिली है।
संख्या / आंकड़े
बाढ़ नियंत्रण के तहत लगभग 200 मीटर लंबा डायवर्जन चैनल तैयार किया गया।
अभियान के दौरान भारी मशीनों और विशेष उपकरणों का उपयोग किया गया।
कार्रवाई से आवासीय क्षेत्र पर नदी का दबाव काफी हद तक कम हुआ।
आगे क्या होगा
प्रशासन द्वारा क्षेत्र की निरंतर निगरानी की जा रही है, ताकि भविष्य में जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय रहते कदम उठाए जा सकें। सेना और नागरिक प्रशासन के समन्वय से आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।




