
चमोली: चमोली जनपद की नीती घाटी स्थित मेहरगांव कैलाशपुर में अचानक आग लगने से चार आवासीय मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गए। घटना के समय अधिकांश ग्रामीण शीतकालीन प्रवास के कारण जनपद के निचले क्षेत्रों में रह रहे थे, जबकि कुछ लोग ही गांव में मौजूद थे। आग लगने की सूचना मिलते ही मलारी स्थित चौकी से आईटीबीपी के जवान मौके पर पहुंचे, लेकिन आग की लपटें तेज होने के कारण उस पर काबू नहीं पाया जा सका। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, हालांकि चार मकानों के जलने से भारी संपत्ति नुकसान हुआ है। दुर्गम क्षेत्र और सीमित संसाधनों के कारण राहत कार्यों में कठिनाइयां भी सामने आईं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
नीती घाटी के कई गांवों में सर्दियों के दौरान लोग शीतकालीन प्रवास के लिए निचले क्षेत्रों की ओर चले जाते हैं। इस दौरान गांवों में मकान लंबे समय तक खाली रहते हैं। ऐसे में आग जैसी घटनाओं का समय पर पता लगना और त्वरित नियंत्रण चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इससे पहले भी सीमावर्ती क्षेत्रों में आगजनी की घटनाएं सामने आती रही हैं।
आधिकारिक जानकारी
ज्योतिर्मठ के एसडीएम चंद्र शेखर वशिष्ठ ने बताया कि मकानों में आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। उन्होंने कहा कि इन दिनों अधिकांश लोगों ने अपने मकान छोड़े हुए हैं। गांव में भालू द्वारा कुछ घरों को नुकसान पहुंचाने की सूचना के बाद कुछ लोग वहां गए थे। सूचना मिलने पर आईटीबीपी को मौके पर भेजा गया है और आग बुझाने का प्रयास किया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव दूरस्थ क्षेत्र में होने के कारण आग लगने की सूचना देर से मिलती है, जिससे नुकसान अधिक हो जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसी घटनाओं के लिए बेहतर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
आंकड़े / जानकारी
इस घटना में कुल चार आवासीय मकान पूरी तरह जल गए। किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है।
आगे क्या होगा
प्रशासन द्वारा आग लगने के कारणों की जांच की जाएगी और नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को राहत दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। क्षेत्र में भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए सुरक्षा उपायों पर भी विचार किया जा रहा है।






