
चमोली: वन्यजीवों के बढ़ते हमलों और रिहायशी इलाकों में उनकी चहलकदमी से परेशान लोग अब सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गए हैं। सोमवार को उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने जिलाधिकारी कार्यालय से जुलूस निकालते हुए वन विभाग के अधिकारियों का घेराव किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सीमांत जनपदों में वन्यजीवों के आतंक से हालात त्राहि-त्राहि जैसे हो गए हैं। भालू की आवाजाही से बच्चों का स्कूल आना-जाना तक जोखिम भरा हो गया है। यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि लगातार हमले और डर का माहौल पहाड़ के गांवों को खाली करने की स्थिति पैदा कर रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उक्रांद का कहना है कि उत्तराखंड के पहाड़ी गांव पहले ही मूलभूत सुविधाओं की कमी और पलायन की मार झेल रहे हैं। अब वन्यजीवों के लगातार हमले लोगों को घर और गांव छोड़ने पर मजबूर कर रहे हैं। संगठन का आरोप है कि राज्य गठन का उद्देश्य जल, जंगल और जमीन के साथ-साथ मूल निवासियों की सुरक्षा था, लेकिन मौजूदा हालात उस उद्देश्य से उलट दिखाई दे रहे हैं।
प्रशासनिक / राजनीतिक पक्ष
प्रदर्शन के दौरान उक्रांद नेताओं ने वन विभाग और शासन से ठोस कदम उठाने की मांग की। उनका कहना है कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो पूरे पहाड़ के गांव खाली हो सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। विभाग की ओर से बताया गया है कि संवेदनशील क्षेत्रों में टीमें सक्रिय की जा रही हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील भी की जा रही है। अधिकारी टिप्पणी करने से बचते दिखे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाकों में भालू की बढ़ती चहलकदमी से डर का माहौल है। अभिभावकों ने बताया कि बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा हो गया है और सुरक्षा को लेकर वे लगातार वन विभाग से गुहार लगा रहे हैं।
आंकड़े / विवरण
उक्रांद के अनुसार बद्रीनाथ वन प्रभाग में अब तक वन्यजीव हमलों में 3 लोगों की मौत और 18 लोग घायल हुए हैं। सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 18 लाख रुपये तथा घायलों को लगभग 58 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है। वहीं, केदारनाथ वन प्रभाग में भालू के हमलों में 1 व्यक्ति की मौत और 6 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
आगे क्या होगा
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि वन्यजीव नियंत्रण और ग्रामीण सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रशासन की ओर से हालात की समीक्षा और आवश्यक निर्देशों की बात कही जा रही है।





