
ऋषिकेश: जिलाधिकारी सविन बंसल ने सोमवार को लालपानी स्थित नगर निगम के कूड़ा निस्तारण प्लांट का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की धीमी गति पर कड़ी नाराज़गी जताई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि तय समयसीमा नजदीक होने के बावजूद प्लांट का केवल 60 प्रतिशत कार्य ही पूरा हुआ है। डीएम ने नगर निगम के अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के संचालक को फटकार लगाते हुए दिसंबर तक प्लांट को हर हाल में सुचारू करने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय पर प्लांट चालू नहीं होने की स्थिति में एजेंसी पर जुर्माने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह परियोजना शहर की कचरा समस्या के स्थायी समाधान से जुड़ी होने के कारण बेहद अहम मानी जा रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
लालपानी क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण प्लांट का निर्माण वर्ष 2023 के दिसंबर में शुरू हुआ था। इस परियोजना को एक वर्ष के भीतर पूरा करने की डेडलाइन तय की गई थी, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी काम अधूरा है। वर्तमान में ऋषिकेश का कचरा हरिद्वार रोड स्थित एक भूखंड में डंप किया जा रहा है, जिससे आसपास के इलाकों में दुर्गंध और बीमारियों की समस्या बनी हुई है। ऐसे में प्लांट का समय पर शुरू होना शहर के लिए बेहद जरूरी है।
प्रशासनिक पक्ष
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण की प्रगति की समीक्षा की, जिसमें केवल 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण पाया गया। देरी और धीमी प्रगति पर नाराज़गी जताते हुए डीएम ने नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल को निर्देश दिए कि अनुबंध की शर्तों, निर्माण की तय समयसीमा और कार्यों में आ रही समस्याओं की विस्तृत रिपोर्ट अतिशीघ्र प्रस्तुत की जाए। उन्होंने यह भी साफ किया कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में लंबे समय से कचरा निस्तारण एक बड़ी समस्या बना हुआ है। हरिद्वार रोड पर कचरा डंप किए जाने से आसपास के क्षेत्रों में रहना मुश्किल हो गया है। नागरिकों को उम्मीद है कि प्लांट के शुरू होने से शहर को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां कम होंगी।
आंकड़े / विवरण
लालपानी बीट में कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए वन विभाग की ऋषिकेश रेंज द्वारा नगर निगम को लगभग 10 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित की गई है। इस परियोजना पर करीब 23 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। प्लांट के संचालन के बाद प्रतिदिन ऋषिकेश और आसपास के निकायों का लगभग 240 मीट्रिक टन कचरा निस्तारित किया जाना प्रस्तावित है।
आगे क्या होगा
प्रशासन के अनुसार दिसंबर तक प्लांट को सुचारू करने की समयसीमा तय की गई है। यदि तय अवधि में कार्य पूरा नहीं हुआ, तो निर्माण एजेंसी के खिलाफ जुर्माने सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नगर निगम और संबंधित विभागों से नियमित प्रगति रिपोर्ट लेने के निर्देश दिए गए हैं।







