
डोईवाला / ऋषिकेश — विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को डोईवाला से ऋषिकेश तक शौर्य यात्रा निकाली गई। यात्रा का उद्देश्य सनातन संस्कृति के संरक्षण, धर्म, संस्कृति, नारी सम्मान और सामाजिक एकता का संदेश देना बताया गया। शौर्य यात्रा डोईवाला रेलवे रोड से शुरू होकर भानियावाला, रानीपोखरी होते हुए ऋषिकेश पहुंची, जहां नटराज चौक, देहरादून रोड और हरिद्वार रोड से होते हुए त्रिवेणी घाट तक इसका समापन हुआ। पूरे मार्ग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, युवा और महिलाएं शामिल रहीं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
क्षेत्र में समय-समय पर सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों को लेकर विभिन्न संगठनों द्वारा जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। इसी क्रम में शौर्य यात्रा के माध्यम से सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक एकता और नारी सम्मान जैसे विषयों पर जोर दिया गया।
आयोजन और स्वरूप
शौर्य यात्रा में प्रभु श्रीराम, बजरंगबली, मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की भव्य झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। झांकियों के माध्यम से सनातन संस्कृति, नारी शक्ति और धर्म रक्षा का संदेश दिया गया। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में जयघोष, भजन-कीर्तन और पुष्प वर्षा से माहौल भक्तिमय बना रहा।
वक्ताओं के विचार
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सुभाष जोशी ने कहा कि समाज को संगठित रहकर उन गतिविधियों के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है, जो सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करती हैं। उन्होंने सामाजिक एकता और जागरूकता पर बल दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता भावना शर्मा ने कहा कि नारी सम्मान और सुरक्षा सशक्त समाज की आधारशिला है और इसके लिए समाज के हर वर्ग को जिम्मेदारी निभानी होगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
यात्रा मार्ग पर मौजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के आयोजन से क्षेत्र में सामाजिक संवाद और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। कई लोगों ने बताया कि झांकियों और भजन-कीर्तन के कारण पूरे इलाके में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
सहभागिता
शौर्य यात्रा में डोईवाला नगर पालिकाध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी सहित राजेंद्र प्रसाद पांडे, राकेश सिंह, अविनाश सिंह, संदीप प्रधान, संतोष राजपूत, प्रदीप कुमार, विक्रम सिंह, राजवीर खत्री, राखी छेत्री, पूजा, प्रियंका, कशिश और ज्योति समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और श्रद्धालु शामिल रहे।
आगे क्या?
आयोजकों के अनुसार इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक विषयों पर संवाद और जागरूकता का सिलसिला आगे भी जारी रखा जाएगा।







