
ऋषिकेश — प्रतीत नगर ग्राम पंचायत की करीब 12 वर्ष पुरानी पेयजल योजना एक बार फिर विवादों में आ गई है। पंचायत कार्यालय से योजना से जुड़े अहम अभिलेख गायब बताए जा रहे हैं, जबकि उपभोक्ताओं से हर माह जल शुल्क वसूला जा रहा है। ग्राम प्रधान ने इस पूरे मामले में वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जताते हुए जांच की मांग की है। दूसरी ओर, योजना पर ऊर्जा निगम का 12 लाख रुपये से अधिक का बकाया है और पंचायत के पास भुगतान के लिए बजट नहीं होने की बात सामने आ रही है, जिससे व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
प्रतीत नगर ग्राम पंचायत में वर्ष 2012 में लाखों रुपये की लागत से गोरखा समिति पेयजल योजना तैयार की गई थी। योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना था। इसके संचालन और रखरखाव के लिए पंचायत स्तर पर व्यवस्था तय की गई थी, ताकि उपभोक्ताओं से ली गई राशि से बिजली बिल और अन्य खर्च पूरे किए जा सकें।
आधिकारिक जानकारी
ग्राम प्रधान राजेश जुगलान ने जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र लिखकर बताया है कि पंचायत कार्यालय से पेयजल योजना से जुड़े महत्वपूर्ण अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं। योजना पर ऊर्जा निगम का 12 लाख 34 हजार 51 रुपये का बिजली बिल बकाया है, लेकिन पंचायत के पास इसका भुगतान करने के लिए कोई निधि नहीं है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं से हर महीने पानी का बिल वसूला जा रहा है।
इस मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी विद्यादत्त सोनवाल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नियमित रूप से जल शुल्क देने के बावजूद पंचायत के पास बजट न होने की बात समझ से परे है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और वसूली गई राशि का हिसाब सार्वजनिक किया जाए।
आंकड़े / तथ्य
पेयजल योजना वर्ष 2012 में शुरू की गई थी। ऊर्जा निगम का बकाया 12.34 लाख रुपये से अधिक बताया गया है। प्रत्येक उपभोक्ता से 100 रुपये प्रतिमाह शुल्क वसूला जाना निर्धारित है। पंप ऑपरेटर को तीन माह से मानदेय नहीं मिला है।
आगे क्या?
ग्राम प्रधान ने मामले की जांच की मांग की है। यदि जांच शुरू होती है तो पेयजल योजना से जुड़े अभिलेखों की स्थिति, बैंक खाते में धनराशि जमा होने या न होने और बकाया भुगतान की जिम्मेदारी तय की जा सकती है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।







