
देहरादून — जिले में बड़े बकायेदारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिला प्रशासन ने सुभारती समूह पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के अनुपालन में लंबित राजस्व वसूली के तहत 87.50 करोड़ रुपये की कुर्की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्रशासन का कहना है कि बार-बार नोटिस देने के बावजूद भुगतान न होने पर यह कठोर कदम उठाया गया है। यह कार्रवाई न केवल सरकारी धन की सुरक्षा के लिए अहम मानी जा रही है, बल्कि अन्य बड़े बकायेदारों के लिए भी एक स्पष्ट चेतावनी के रूप में देखी जा रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
देहरादून जनपद में लंबे समय से कुछ संस्थानों और समूहों पर भारी राजस्व बकाया चला आ रहा था। प्रशासन की ओर से कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन भुगतान न होने के कारण सरकारी राजस्व प्रभावित हो रहा था। ऐसे में जिला प्रशासन ने वसूली प्रक्रिया को तेज करते हुए विशेष अभियान शुरू किया, जिसके तहत अब सुभारती समूह पर सख्त कार्रवाई की गई है।
आधिकारिक जानकारी
जिला प्रशासन के अनुसार, सुभारती समूह से बकाया राजस्व की वसूली सुनिश्चित करने के लिए कुर्की वारंट जारी कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बकाया वसूली में किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी किसी छोटे या बड़े बकायेदार को बकाया राशि जमा न करने पर कानूनी कार्रवाई से नहीं बख्शा जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े संस्थानों पर कार्रवाई से प्रशासन की मंशा साफ होती है कि नियम सभी के लिए बराबर हैं।
शहर के सामाजिक संगठनों का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से सरकारी धन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बढ़ेगा।
आंकड़े / तथ्य
इस कार्रवाई में 87.50 करोड़ रुपये की कुर्की प्रक्रिया शुरू की गई है। संस्थान द्वारा बीते छह वर्षों में लगभग 300 छात्रों से पूर्ण शुल्क वसूला गया था।
आगे क्या?
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आगामी दिनों में संस्थान के बैंक खाते सीज किए जा सकते हैं और संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने तहसील क्षेत्रों में ऐसे सभी छोटे और बड़े बकायेदारों की सूची तैयार करें, जो लंबे समय से भुगतान से बच रहे हैं, और उनके खिलाफ विशेष वसूली अभियान चलाया जाए।





