
देहरादून। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर दिल्ली के रामलीला मैदान में 14 दिसंबर को आयोजित होने जा रही महारैली के लिए उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जत्थे रवाना हो रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के आह्वान पर होने वाली यह रैली ऐतिहासिक साबित होगी और उत्तराखंड से बड़ी संख्या में कांग्रेसी इसमें भाग लेने जा रहे हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
कांग्रेस द्वारा दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली यह महारैली केंद्र सरकार की नीतियों और चुनावी प्रक्रियाओं पर उठाए जा रहे सवालों के बीच एक बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में देखी जा रही है। उत्तराखंड कांग्रेस पिछले कई सप्ताह से इस आयोजन की तैयारियों में जुटी हुई थी, जिसमें जिलों से कार्यकर्ताओं की संख्या, परिवहन व्यवस्था और नेतृत्व की जिम्मेदारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा था।
आधिकारिक जानकारी
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि रैली की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ता शनिवार सुबह ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं, जबकि बाकी रात में या रविवार तड़के तक पहुंच जाएंगे। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर के जिला नेतृत्व से मिली रिपोर्ट के अनुसार, इन जिलों से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली कूच करेंगे।
गणेश गोदियाल ने कहा कि विभिन्न जिलों से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार करीब 15 से 16 हजार कांग्रेसी कार्यकर्ता और नेता दिल्ली रैली में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि 14 दिसंबर को हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब से भी भारी संख्या में कांग्रेसी जुटेंगे। अन्य राज्यों से भी कई नेता और कार्यकर्ता इस महाआयोजन में भाग लेने आ रहे हैं। उनके अनुसार, संख्या बल के आधार पर रामलीला मैदान में यह अब तक की सबसे बड़ी रैली हो सकती है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह चरम पर है। कई जिलों से कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह रैली सरकार के खिलाफ जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाने का अवसर है। युवा कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि इस बार उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व सबसे अधिक होगा और रैली में एकजुटता का बड़ा संदेश जाएगा।
तैयारियों की समीक्षा
महारैली की तैयारियों की मॉनिटरिंग स्वयं प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और कांग्रेस प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी कर रहे थे। विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारियों से दिल्ली जाने वाले कार्यकर्ताओं की संख्या का फीडबैक लिया गया और विभिन्न नेताओं को बसों और वाहनों की व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई। रैली की सफलता सुनिश्चित करने के लिए पूरे प्रदेश में संगठन को सक्रिय कर रणनीति बनाई गई।
आगे क्या
रविवार सुबह तक उत्तराखंड से अधिकांश कांग्रेसी दिल्ली पहुंच जाएंगे। रैली के दौरान कांग्रेस द्वारा सरकार पर तीखे प्रहार और आम जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाए जाने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह जुटान आगामी राजनीतिक गतिविधियों पर भी प्रभाव डाल सकता है।





