
चंपावत: लोहाघाट तहसील के बाराकोट ब्लॉक स्थित चुयरानी के धरगड़ा तोक में बीते कई दिनों से आतंक मचा रहे आदमखोर गुलदार को आखिरकार वन विभाग ने शुक्रवार देर रात ट्रेंकुलाइज कर पिंजरे में कैद कर लिया। गुलदार के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, क्योंकि इसने 9 दिसंबर को एक ग्रामीण की जान ले ली थी और पूरे इलाके में भय का माहौल बना हुआ था।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
9 दिसंबर को 45 वर्षीय देव सिंह अधिकारी सुबह घर से निकले थे, तभी गुलदार ने उन पर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद ग्रामीण दहशत में थे और कई दिन तक घरों से बाहर निकलने से डर रहे थे। वन विभाग, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने इलाके में लगातार निगरानी की और पिंजरा, थर्मल कैमरे तथा रात्रि गश्त के माध्यम से गुलदार की तलाश जारी रखी।
कैसे पकड़ा गया गुलदार
वन विभाग के अनुसार गुलदार अत्यंत चालाक था। 11 दिसंबर की रात वह पिंजरे में घुसकर रखा गया शिकार खाकर भाग गया क्योंकि उस समय पिंजरा बंद नहीं हो पाया। इस घटना से टीम निराश जरूर हुई, पर निगरानी जारी रही।
शुक्रवार देर रात एक बार फिर गुलदार पिंजरे में आया और इस बार ट्रैप सफल रहा। वन विभाग की टीम ने उसे ट्रेंकुलाइज कर पिंजरे में सुरक्षित कैद किया और बाद में सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
जिलाधिकारी की रातों-रात निगरानी
चंपावत के जिलाधिकारी मनीष कुमार स्वयं रात में इलाके की गश्त पर पहुंचे और वन विभाग को निरंतर मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर थर्मल कैमरों की सहायता से गुलदार की मूवमेंट पर नज़र रखी जा रही थी। लगातार टीमवर्क का परिणाम रहा कि आदमखोर गुलदार को पकड़ लिया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया: राहत और आभार
गुलदार के पकड़े जाने के बाद स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने राहत की सांस ली। जिला पंचायत सदस्य योगेश जोशी ने वन विभाग की पहल और साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि विभाग ने कठिन परिस्थितियों में भी जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी, जो सराहनीय है।
वन विभाग की टीम की भूमिका
अभियान में SDO सुनील कुमार, डॉ. हिमांशु पांगती, रेंजर राजेश जोशी, फॉरेस्टर प्रकाश गिरि के साथ कई वन कर्मियों ने पूरी रात मेहनत की। इसके अलावा क्षेत्र के युवा भी लगातार वन विभाग की टीम के साथ जुड़े रहे। उनकी सक्रियता को ग्रामीणों ने दिल से धन्यवाद दिया।
आगे क्या?
वन विभाग ने बताया कि गुलदार पकड़े जाने के बाद भी इलाके में नियमित गश्त जारी रहेगी ताकि किसी अन्य वन्यजीव गतिविधि पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके। विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है।





