
मुनिकीरेती (ऋषिकेश)। दयानंद आश्रम के पास बुधवार दोपहर एक युवक से दिनदहाड़े लूट की वारदात ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। तीन लुटेरे युवक से 5300 रुपये नकद और एक पासबुक छीनकर फरार हो गए। पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया और 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऋषिकेश और मुनिकीरेती क्षेत्र में हाल के दिनों में छोटे अपराधों में बढ़ोतरी की घटनाएं सामने आई हैं। आध्यात्मिक और पर्यटन क्षेत्रों के रूप में प्रसिद्ध इन इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोग चिंतित हैं। दिनदहाड़े हुई यह लूट वारदात भी इसी बढ़ते असुरक्षा भाव की ओर संकेत करती है, हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर राहत दी है।
आधिकारिक जानकारी
इंस्पेक्टर प्रदीप चौहान ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरेश (निवासी नेपाली बस्ती चंद्रेश्वर नगर), मारकंडे जायसवाल (निवासी मायाकुंड) और रोहित साहनी (निवासी चंद्रेश्वर नगर) के रूप में हुई है।
मारकंडे जायसवाल के खिलाफ ऋषिकेश और आसपास के थानों में नशा तस्करी, अवैध हथियार और अन्य गंभीर अपराधों के 19 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार रोहित साहनी कुख्यात नशा तस्कर रेखा साहनी का बेटा है, जबकि सुरेश के आपराधिक इतिहास की जांच जारी है।
कैलाश गेट चौकी प्रभारी राजेंद्र रावत ने आरोपियों के कब्जे से 4200 रुपये और बैंक पासबुक बरामद की है। घटना 9 दिसंबर को हुई थी और पुलिस ने 10 दिसंबर की रात तीनों को हिरासत में ले लिया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना स्थान दयानंद आश्रम के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े ऐसी वारदातें चिंताजनक हैं। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि तीर्थनगरी जैसा शांत क्षेत्र ऐसी घटनाओं से प्रभावित होता है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। कई लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना भी की।
विशेषज्ञ टिप्पणी
अपराध विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे अपराधों में शामिल अधिकांश लोग संगठित नशा नेटवर्क या पुराने आपराधिक गिरोहों से जुड़े होते हैं। मुनिकीरेती–ऋषिकेश जैसे क्षेत्रों में पुलिस की निरंतर गश्त और निगरानी अपराध रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
आंकड़े / तथ्य
मारकंडे जायसवाल पर 19 मुकदमे दर्ज होना इस बात को दर्शाता है कि वह लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय है।
पुलिस ने 5300 में से 4200 रुपये बरामद किए हैं।
घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी पुलिस की तत्परता को दर्शाती है।
आगे क्या?
पुलिस ने तीनों आरोपियों को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब उनके आपराधिक नेटवर्क और अन्य संभावित मामलों की जांच कर रही है। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस गश्त बढ़ाने की भी तैयारी चल रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।






