
ऋषिकेश: गंगा नदी पर बने ऐतिहासिक रामझूला पुल की लंबे समय से प्रतीक्षित मरम्मत का कार्य इसी माह शुरू होने जा रहा है। लोक निर्माण विभाग ने सस्पेंडर्स वायर को ठीक करने के लिए टेंडर जारी किए थे और अब करीब दस करोड़ की लागत से पुल का व्यापक नवीनीकरण किया जाएगा। मरम्मत के दौरान लगभग एक वर्ष तक पुल पर आवाजाही बंद रहेगी। विभाग की योजना है कि कुंभ से पहले यह कार्य पूरा कर लिया जाए।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
रामझूला पुल 1985 में पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया था। 220 मीटर लंबे इस झूला पुल को बाद में दोपहिया वाहनों के लिए भी खोल दिया गया, जिससे पुल पर भार तेज़ी से बढ़ा। मुनिकीरेती और स्वर्गाश्रम को जोड़ने वाला यह पुल न केवल स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु भी इसी मार्ग से आवागमन करते हैं।
लक्ष्मणझूला पुल बंद होने के बाद रामझूला पुल पर दबाव और बढ़ गया। पिछले कुछ वर्षों में पुल की तीन सस्पेंडर वायर टूट चुकी थीं, जिसके बाद इसकी संरचनात्मक सुरक्षा पर सवाल उठने लगे। 2021 में लोनिवि की विशेषज्ञ टीम ने आवाजाही सीमित करने या बंद करने की सलाह दी थी, लेकिन विकल्प न होने के चलते पुल नियमित रूप से उपयोग में रहा। बाद में सुरक्षा कारणों से दोपहिया वाहनों का संचालन बंद कर दिया गया।
आधिकारिक जानकारी
लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर ने सस्पेंडर्स वायर और डेक कार्य के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। अधिशासी अभियंता प्रवीन कर्णवाल के अनुसार, इस माह से मरम्मत कार्य शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। कार्य की निश्चित तिथि जल्द तय की जाएगी और लगभग एक वर्ष में पूरे पुल की मरम्मत का लक्ष्य रखा गया है।
मरम्मत के दौरान पुल पर आवागमन पूर्ण रूप से बंद रहेगा। कर्णवाल ने बताया कि नवीनीकरण के बाद दोपहिया वाहनों का संचालन फिर से शुरू किया जाएगा, क्योंकि पुल को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक सुधार किए जा रहे हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि रामझूला पुल की मरम्मत लंबे समय से जरूरी थी, क्योंकि भारी भीड़ और पुराने ढांचे के कारण पुल पर लगातार कंपन महसूस होता था। कारोबारियों और आश्रम संचालकों ने बताया कि पुल बंद होने से असुविधा जरूर होगी, लेकिन सुरक्षा के दृष्टिगत यह कदम महत्वपूर्ण है। कई यात्रियों ने भी कहा कि लक्ष्मणझूला पुल के बंद होने के बाद रामझूला पुल पर अतिरिक्त दबाव था और इसकी मरम्मत से भविष्य में हादसों की आशंका काफी कम हो जाएगी।
तकनीकी जानकारी
झूला पुलों में कंपन को नियंत्रित करने के लिए हर दो मीटर पर सस्पेंडर्स वायर लगाई जाती हैं, जो पुल के डेक और मुख्य केबल के बीच जुड़ी होती हैं। ये वायर कंपन को समान रूप से वितरित करती हैं, जिससे किसी एक बिंदु पर अधिक दबाव नहीं पड़ता। रामझूला पुल में कुल 440 सस्पेंडर्स वायर हैं, जिनमें से कई को बदलने की आवश्यकता है। डेक और तारों के कुछ हिस्सों में भी मरम्मत का कार्य किया जाएगा।
आगे क्या?
लोक निर्माण विभाग की योजना है कि नवीनीकरण कार्य को तेज गति से पूरा किया जाए और कुंभ से पहले पुल को सुरक्षित रूप से उपयोग के लिए खोल दिया जाए। निर्माण अवधि के दौरान आने-जाने के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी प्रशासन विचार कर रहा है। पुल की संरचना को मजबूत करने के बाद यह आने वाले वर्षों में यात्रियों, तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए अधिक सुरक्षित साबित होगा।







