
देहरादून: परेड ग्राउंड में आयोजित स्वदेशी महोत्सव उत्तराखंड विकास प्रदर्शनी में मंगलवार को महिला सम्मेलन का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने किया। कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न जिलों से आई महिला उद्यमियों को सम्मानित किया और स्वदेशी आंदोलन को आगे बढ़ाने में महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
स्वदेशी महोत्सव का उद्देश्य स्थानीय कौशल, उत्पादों और आत्मनिर्भरता की भावना को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से आई महिला उद्यमियों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनियां लगाईं, जिन्हें आगंतुकों का उत्साहपूर्ण समर्थन मिला। ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान के तहत लगाए गए स्टॉल महोत्सव का प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं।
अधिकारिक जानकारी
स्मृति विकास संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि महिलाएं स्वदेशी अभियान की मूल शक्ति हैं। उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पाद न केवल घरेलू बाजारों में बल्कि विदेशों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी को अपनी दिनचर्या और जीवनशैली का हिस्सा बनाना आवश्यक है, तभी यह अभियान मजबूत हो सकेगा।
मंत्री रेखा आर्या ने यह भी कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में स्वदेशी उत्पादों और स्थानीय कौशल की निर्णायक भूमिका रहेगी। उन्होंने इसे स्वतंत्रता के बाद स्वदेशी आंदोलन की नई व्याख्या बताते हुए कहा कि अब समय है कि हम अपनी आजादी को आत्मनिर्भरता के माध्यम से और सशक्त बनाएं।
संस्कृति साहित्य एवं कला परिषद की उपाध्यक्ष मधु भट्ट ने कार्यक्रम में कहा कि स्वदेशी की अलख गांव से शहर तक जगानी होगी। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति, बोली और परंपराओं को जीवन में अपनाने से आने वाली पीढ़ियां भी स्वदेशी भावना से प्रेरित रहेंगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
महोत्सव में पहुंचे आगंतुकों ने कहा कि इस तरह की प्रदर्शनियां स्थानीय उत्पादों की पहचान बढ़ाती हैं और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद करती हैं। कई महिला उद्यमियों ने बताया कि ऐसे आयोजनों से उन्हें बाजार, नेटवर्किंग और नए अवसरों तक पहुंच मिलती है।
संख्या और तथ्य
आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं—पूनम शर्मा, सरिता बहुगुणा, निर्मला देवी, शिवानी थापा, नीता कांडपाल, कमला रावत और नलिनी गोसाईं—को सम्मानित किया गया। प्रदर्शनी 8 से 14 दिसंबर तक चलेगी और तीसरे दिन भी स्वदेशी और पहाड़ी उत्पादों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने रहे।
आगे क्या होगा
प्रदर्शनी के आगामी दिनों में भी महिला उद्यमियों की कार्यशालाएँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्वदेशी उत्पादों के प्रमोशन से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों ने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य राज्य की महिला शक्ति को मंच प्रदान करना और स्वदेशी उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ना है।







