
श्यामपुर: दिल्ली के रामलीला मैदान में 14 दिसंबर को आयोजित होने वाली कांग्रेस की ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ रैली को लेकर श्यामपुर ब्लॉक में तैयारियां तेज हो गई हैं। स्थानीय पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में रैली में पहुंचकर उसे सफल बनाने का आह्वान किया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
कांग्रेस पार्टी देशभर में केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में बड़े जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी क्रम में 14 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली को पार्टी परिवर्तन की दिशा में अहम बिंदु मान रही है। श्यामपुर ब्लॉक कांग्रेस भी इस कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
अधिकारिक जानकारी
मंगलवार को श्यामपुर ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई। ब्लॉक अध्यक्ष विजयपाल पंवार ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रही है और जनता महंगाई, बेरोजगारी तथा भ्रष्टाचार के बोझ तले दब रही है। उन्होंने लोगों से रैली में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयेंद्र रमोला ने कहा कि रामलीला मैदान की रैली केवल विरोध का स्वर नहीं, बल्कि परिवर्तन की शुरुआत होगी। उन्होंने दावा किया कि जनता अब धोखे का अनुभव कर चुकी है और बदलाव चाहती है।
ऋषिकेश महानगर अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़ी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि संस्थाओं की स्वतंत्रता कमजोर की जा रही है और जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा।
पूर्व प्रधान सतीश रावत ने कहा कि रैली देश में परिवर्तन का संदेश देगी और श्यामपुर क्षेत्र से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचकर जनता की आवाज को मजबूती देंगे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे रैली में बड़ी संख्या में प्रतिभाग करेंगे, क्योंकि यह उनके अनुसार लोकतांत्रिक अधिकारों और जनता की आवाज को मजबूत करने की लड़ाई है। स्थानीय पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि श्यामपुर क्षेत्र से व्यापक भागीदारी दर्ज होगी।
विशेषज्ञ टिप्पणी
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बड़े जनसभा कार्यक्रम राजनीतिक वातावरण को प्रभावित करते हैं, विशेषकर तब जब केंद्र और राज्यों के बीच विभिन्न मुद्दों पर टकराव की स्थिति हो। रामलीला मैदान की यह रैली कांग्रेस की संगठनात्मक क्षमता को भी प्रदर्शित कर सकती है।
संख्या और तथ्य
बैठक में गजेंद्र विक्रम शाही, ग्राम प्रधान शबनम देवी, कुशाल सजवाण, हर्षपति सेमवाल, सुन्दर सिंह रावत, कांता प्रसाद कंडवाल, राजेन्द्र गैरोला, रामस्वरूप राणाकोटि, बलदेव नेगी, जीत सिंह रागंड, ऋषि सिंघल, सुमित चौहान, कमल सिंह रागंड, निर्मल रागंड, सुनील दत्त शर्मा, रोहित नेगी, राजेंद्र दरियाल, देव पोखरियाल और जितेंद्र त्यागी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
आगे क्या होगा
कांग्रेस कार्यकर्ता अब आगामी दो दिनों में रैली की तैयारियों को अंतिम रूप देंगे। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि 14 दिसंबर की यह रैली राष्ट्रीय राजनीतिक माहौल पर महत्वपूर्ण असर डालेगी।





