
देहरादून: उत्तराखंड एसटीएफ ने दो वर्षों से फरार चल रहे नाबालिग से दुष्कर्म मामले के 25,000 रुपये के इनामी आरोपी को पंजाब के मोहाली में स्थित एक कबाड़ गोदाम से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पहचान छुपाकर मजदूरी कर रहा था और स्कूल जाने वाली बच्ची के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में वांछित था।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
राज्य में वांछित और इनामी अपराधियों की तलाश तेज करने के लिए उत्तराखंड पुलिस लगातार अभियान चला रही है। हाल के दिनों में डीजीपी दीपम सेठ द्वारा पदभार ग्रहण करते ही ऐसे फरार आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जिसके बाद एसटीएफ कई महत्वपूर्ण गिरफ्तारी कर चुकी है।
घटना का विवरण
आरोपी आरिफ, जो पहले रानीपुर क्षेत्र में ई-रिक्शा चलाता था, ने स्कूल जा रही नौवीं कक्षा की एक बच्ची को बहला-फुसलाकर अपहरण किया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद वह फरार हो गया और लगभग दो वर्षों तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।
गंभीर अपराध में संलिप्त होने पर उस पर ₹25,000 का इनाम घोषित किया गया था।
एसटीएफ की जांच और गिरफ्तारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में एसटीएफ देहरादून की टीम ने पंजाब के मोहाली और बलौंगी क्षेत्र में एक सप्ताह तक मैन्युअल सर्विलांस और जमीनी जानकारी एकत्र की।
टीम ने कबाड़ गोदामों में काम कर रहे मजदूरों का सत्यापन किया। इसी दौरान पता चला कि एक गोदाम में काम कर रहा व्यक्ति लगातार अपनी पहचान छुपा रहा है। जांच में पुष्टि होने पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान — आरिफ पुत्र कल्लू, निवासी बटोली, जनपद कानपुर देहात
वांछित: मु.अ.सं. 206/24, धारा 376(3) आईपीसी एवं 3/4(2) पॉक्सो एक्ट, कोतवाली रानीपुर, हरिद्वार
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी से पीड़ित परिवार को न्याय की आशा मिली है। कुछ लोगों ने एसटीएफ की सक्रियता और लगातार निगरानी की सराहना की है।
विशेषज्ञ टिप्पणी
बाल अपराधों पर नज़र रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि “फरार पॉक्सो आरोपियों की इस तरह ट्रैकिंग और लंबी सर्विलांस पीड़ितों को न्याय दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाती है।”
पुलिस टीम
- इंस्पेक्टर यादविंदर सिंह बाजवा (टीम प्रभारी)
- एएसआई मनोज बैनीवाल
- मुख्य आरक्षी अर्जुन
- आरक्षी रवि पंत
- आरक्षी दीपक चंदोला
- आरक्षी वीरेंद्र सिंह
आगे क्या?
आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर उत्तराखंड लाया जाएगा, जहाँ उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। एसटीएफ अब उसके फरारी के दौरान सहायक व्यक्तियों, संभावित नेटवर्क और ठिकानों की जांच करेगी। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि राज्य में वांछित अपराधियों के खिलाफ अभियान और तेज होगा।







