
देहरादून। दून अस्पताल में कार्यरत 122 सफाईकर्मियों का वेतन एक बार फिर अटकने से नाराज़गी खुलकर सामने आ गई। सोमवार सुबह सफाईकर्मियों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ धरना दिया और प्राचार्य कार्यालय का घेराव किया। वेतन भुगतान में देरी के कारण अस्पताल की सफाई व्यवस्था पर भी असर पड़ा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना अस्थायी रूप से समाप्त हुआ, लेकिन सफाईकर्मियों ने स्पष्ट किया है कि यदि मंगलवार तक वेतन नहीं मिला तो वे संपूर्ण धरना और कार्यबहिष्कार करेंगे। यह स्थिति सरकारी अस्पतालों में कर्मचारियों के वेतन प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
दून अस्पताल राज्य का प्रमुख सरकारी चिकित्सालय है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। सफाईकर्मियों की भूमिका अस्पताल की स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण के लिए बेहद अहम मानी जाती है। ऐसे में वेतन भुगतान में लगातार आ रही दिक्कतें न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी असर डाल रही हैं।
आधिकारिक जानकारी
सफाईकर्मियों के अनुसार उन्हें नवंबर और दिसंबर माह का वेतन अब तक नहीं मिला है। गंगोत्री, राधा, शीला और रीता सहित कर्मचारियों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है, पिछले कुछ महीनों से वेतन भुगतान में बार-बार अड़चन आ रही है। धरने के बाद अधिकारियों ने एक दिन की मोहलत मांगते हुए भुगतान का आश्वासन दिया। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि वेतन से जुड़ी तकनीकी अड़चन को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
सफाईकर्मियों का कहना है कि समय पर वेतन न मिलने से घर चलाना मुश्किल हो गया है। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा, जिससे उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
आंकड़े / तथ्य
दून अस्पताल में 122 सफाईकर्मी कार्यरत हैं। दो माह का वेतन लंबित होने से सोमवार को धरना हुआ और कुछ समय के लिए सफाई व्यवस्था प्रभावित रही।
आगे क्या होगा
यदि मंगलवार तक वेतन का भुगतान नहीं हुआ तो सफाईकर्मियों ने कार्यबहिष्कार और संपूर्ण धरने की चेतावनी दी है। प्रशासन की ओर से तकनीकी समस्या के समाधान के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन अंतिम निर्णय पर सभी की नजर टिकी है।





