
देहरादून/रुद्रप्रयाग: चारधाम यात्रा 2026 को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने केदारनाथ हेली सेवाओं को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू करने जा रहा है।
हेलीपैड पर लगेंगे आधुनिक उपकरण
नई व्यवस्था के तहत सिरसी, फाटा और गुप्तकाशी के नौ हेलीपैड पर सेलोमीटर लगाए जाएंगे। इन उपकरणों के माध्यम से मौसम, बादलों की ऊंचाई और विजिबिलिटी की सटीक जानकारी मिलेगी, जिससे उड़ानों का संचालन ज्यादा सुरक्षित किया जा सकेगा।
हेलीकॉप्टर में भी लगेंगे कैमरे
हेली सेवाओं के दौरान पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हेलीकॉप्टरों में कैमरे लगाने की तैयारी की जा रही है। इससे उड़ान के दौरान होने वाली गतिविधियों की निगरानी संभव होगी और किसी भी घटना की स्थिति में तुरंत जानकारी मिल सकेगी।
पिछले हादसों के बाद लिया गया फैसला
पिछले वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान हेली सेवाओं में पांच दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें 13 लोगों की मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में खराब मौसम, कम दृश्यता और सुरक्षा नियमों की अनदेखी को प्रमुख कारण माना गया था।
इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष तकनीकी निगरानी को मजबूत किया जा रहा है।
चार्टर सेवाओं पर भी नजर
केवल केदारनाथ ही नहीं, बल्कि देहरादून से अन्य धामों के लिए संचालित चार्टर हेली सेवाओं में भी कैमरों के उपयोग पर विचार किया जा रहा है, ताकि पूरी हेली ऑपरेशन प्रणाली को सुरक्षित बनाया जा सके।
सीमित संख्या में होंगी उड़ानें
इस वर्ष हेली सेवाओं को नियंत्रित करने की भी योजना है। पिछले साल की तरह सीमित संख्या में ही उड़ानों का संचालन किया जाएगा, ताकि सुरक्षा मानकों का बेहतर तरीके से पालन किया जा सके।
हादसों की जांच होगी आसान
नई तकनीक लागू होने के बाद किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत सूचना मिलने के साथ ही कारणों का सटीक विश्लेषण किया जा सकेगा। इन उपकरणों की खरीद प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।






